पीएसजी ने फ्रेंच कप जीत कर रचा इतिहास
पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) ने एक और यादगार मुकाबले में लियोन को 2-1 से हराकर फ्रेंच कप का खिताब अपने नाम कर लिया। यह मुकाबला लिली के स्टेड पियरे-मौरोय में खेला गया, जिसमें पीएसजी की जीत के साथ ही उन्होंने घरेलू ट्रेबल भी हासिल कर लिया। यह पीएसजी का 15वां फ्रेंच कप खिताब है और पहला खिताब 2021 के बाद।
पहला हाफ: दमदार शुरुआत
मुकाबले की शुरुआत से ही पीएसजी ने आक्रामक खेल दिखाते हुए विपक्षी टीम पर दबाव बनाया। मैच के 23वें मिनट में उस्मान डेम्बेले ने नूनो मेंडेस के क्रॉस पर हेडर मारकर पहला गोल दागा, जिससे पीएसजी ने 1-0 की बढ़त हासिल की। डेम्बेले का यह गोल उनकी तेजतर्रार खेल शैली का परिचायक था। जल्द ही, मैच के 35वें मिनट में फैबियन रूइज ने कोने से मिले मौके को बेहतरीन स्ट्राइक में बदलकर स्कोर 2-0 कर दिया।
दूसरा हाफ: लियोन का संघर्ष
दूसरे हाफ में लियोन ने कोशिशें तेज कर दीं और 60वें मिनट में जैक ओ'ब्रायन ने एक जोरदार हेडर मारकर गोल कर दिया। यह गोल दर्शकों के बीच उत्साह भर दिया और मैच में रोमांच बढ़ा दिया। इसके बाद लियोन ने बराबरी के लिए जोर लगाया, लेकिन पीएसजी के गोलकीपर जियानलुइगी डोनारुमा ने कुछ शानदार बचाव किए और लियोन को बराबरी का मौका नहीं मिला।
किलियन एम्बाप्पे का विदाई मैच
इस मुकाबले की सबसे बड़ी कथा यह रही कि यह किलियन एम्बाप्पे का पीएसजी के लिए अंतिम मैच था। एम्बाप्पे ने पीएसजी के लिए कुल 308 मैच खेले और 256 गोल किए। उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा और वे क्लब के महानतम खिलाड़ियों में से एक माने जाएंगे।
हिंसा का साया
मुकाबले से पहले, पीएसजी और लियोन के समर्थकों के बीच हाईवे पर हिंसक झड़पें हुईं, जिससे माहौल थोड़ा तनावपूर्ण हो गया था। हालाँकि, पुलिस ने स्थिति को काबू में कर लिया और मैच को शांति पूर्ण तरीके से आयोजित किया गया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस हिंसा की निंदा की।
पीएसजी का सम्मान और भविष्य
इस ऐतिहासिक जीत के साथ, पीएसजी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे फ्रांसीसी फुटबॉल के सबसे बड़े अभिनेता हैं। उन्होंने अपने समर्थकों को महान गर्व और खुशी दी। अब क्लब की निगाहें भविष्य पर हैं, जहां नई चुनौतियाँ और संभावनाएं उनका इंतज़ार कर रही हैं।
Tarun Gurung
वाह यार! डेम्बेले का वो हेडर देखा क्या? बस फिर से उसी तरह गोल मारता रहे और एम्बाप्पे का अंतिम मैच इतना भावुक बन गया। इतना तो कभी नहीं सोचा था कि एक खिलाड़ी इतना दिल छू जाएगा।
PSG के लिए ये ट्रेबल बस शुरुआत है, अब यूईएफए में भी वो धमाका करेंगे।
Rutuja Ghule
ये सब बस धोखा है। ये टीम फ्रांस में नहीं, बल्कि कतर के पैसों से बनी है। इतना पैसा खर्च करके जीतना कोई जीत नहीं, बस एक विज्ञापन है।
vamsi Pandala
मैच तो बोरिंग रहा। एम्बाप्पे ने तो एक भी गोल नहीं मारा। बस देखते रह गए। लियोन वाले भी नहीं लगे कि लड़ रहे हैं। बस एक रिसेप्शन था जहां फैंस ने बोतलें फेंकीं।
nasser moafi
ये जीत तो बस एक राज्योत्सव है! 🇫🇷🔥 एम्बाप्पे ने तो ऐसे खेला जैसे अंतिम दिन बचा हो। ये लोग फुटबॉल नहीं, इंसानियत खेल रहे थे। किसी ने देखा कि डोनारुमा ने कितने बचाव किए? वो तो एक दीवार था!
Saravanan Thirumoorthy
फ्रांस के खिलाफ भारत की टीम भी ऐसा कर सकती अगर इतना पैसा मिल जाए तो इसलिए ये सब बकवास है
Tejas Shreshth
असली जीत तो वो है जब एक टीम अपनी पहचान के साथ खेले। ये टीम तो एक ग्लोबल कॉर्पोरेट प्रोडक्ट है। एम्बाप्पे का जाना एक अस्तित्व के अंत की घोषणा है। हम किसी ऐसे खिलाड़ी को भूल रहे हैं जिसने अपने आप को एक नारे में बदल दिया।
Hitendra Singh Kushwah
ये ट्रेबल तो बहुत अच्छा हुआ पर अब यूरोपीय स्तर पर जाना होगा। इतने खिलाड़ियों के बाद भी चैंपियंस लीग नहीं जी पाए तो ये सब बस एक नाटक है।
sarika bhardwaj
हिंसा के बारे में बात करना भूल गए? ये फुटबॉल का नहीं, ये सामाजिक असंतोष का प्रतीक है। लोग अपने बुरे भावों को खेल के नाम पर बाहर निकाल रहे हैं। ये अच्छा नहीं है।
Dr Vijay Raghavan
भारत के लिए भी ऐसा ही एक टीम बननी चाहिए। अगर हम भी इतना पैसा लगाएं तो विश्व कप तक जा सकते हैं। लेकिन नहीं, हम तो अभी भी अपने खिलाड़ियों को भूल गए।
Partha Roy
एम्बाप्पे ने तो एक भी गोल नहीं मारा और उसे विदाई दे दी? ये तो बहुत अजीब है। लियोन वालों को तो बराबरी चाहिए थी। फिर भी जीत गए। बस बहुत पैसा खर्च किया है।
Kamlesh Dhakad
मैच तो बहुत अच्छा लगा। डेम्बेले का गोल तो जाने क्या था। एम्बाप्पे का अंतिम मैच देखकर आंखें भर आईं। उसकी शानदार खेल शैली कभी नहीं भूलेंगे।
ADI Homes
बस एक बात समझ आई - जब तक एक खिलाड़ी अपने दिल से खेले, उसकी यादें हमेशा जिंदा रहती हैं। एम्बाप्पे ने वो दिखाया।
Hemant Kumar
कभी-कभी लगता है कि फुटबॉल बस एक खेल नहीं, बल्कि एक भावना है। ये जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया। अगर दिल से खेलोगे तो नतीजा अपने आप आ जाता है।
NEEL Saraf
इस जीत के पीछे लाखों बच्चे हैं जो अभी अपने घरों में बैठकर फुटबॉल खेल रहे हैं... ये जीत उनके लिए भी है। एम्बाप्पे ने उन्हें दिखाया कि एक लड़का एक दिन बड़ा बन सकता है। ❤️